Skip to main content

Loan Scheme Description

शैक्षिक ऋण योजना

 

उद्देश्यः

इस योजना का उद्देश्य पिछड़े वर्गों के पात्र व्यक्तियों को स्नातक एवं उच्चतर स्तरों पर व्यावसायिक अथवा तकनीकी शिक्षा वोकेशनल पाठ्क्रमों हेतु ऋण उपलब्ध कराना है।

पात्रताः

.     भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित पिछड़े वर्गें के सदस्य

.     आवेदक के परिवार की वार्षिक आय रू. 3.00 लाख विनिश्चित की गई है।  चैनल सहभागियों (राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों/ बैंकों) से अनुरोध किया जाता है कि वे ऋण राशि का कम से कम 50% ऐसे व्यक्तियों को प्रदान करें जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय रू. 1.50 लाख तक हो।

.     आवेदक ने किसी मान्यताप्राप्त एजेंसी जैसे ए0आई0सी0टी00, मेडिकल काउन्सिल ऑफ इण्डिया, यू0जी0सी0 इत्यादि में व्यावसायिक पाठ्यक्रम हेतु प्रवेश पा लिया हो।

       आवेदक को उचित मान्यता प्राप्त संस्थान में ए.आई.सी.टी.ई., मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, यू.जी.सी. आदि जैसे उपयुक्त एजेंसी द्वारा अनुमोदित किसी भी व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त कर लिया हो। जिन अर्हता परीक्षा में न्यूनतम 50% अंक योग्यता पाठ्यक्रम के लिए पूर्व आवश्यकता हो, होने चाहिए।

घ.     प्रवेश परीक्षा / मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से भारत या विदेश में व्यावसायिक / तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त किया होना चाहिए।

अथवा

प्रशिक्षणार्थियों ने भारत में कम से कम छह महीने की अवधि के पाठ्यक्रम हेतु प्रवेश प्राप्त किया हो और/या सरकार के मंत्रालय / विभाग / संगठन या राष्ट्रीय कौशल विकास निगम या राज्य कौशल मिशनों द्वारा समर्थित कंपनी / सोसायटी / संगठन द्वारा समर्थित हो अथवा राज्य कौशल मिशन / राज्य कौशल निगमों, सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रमों विशेषकर सरकारी संस्थान या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त / अधिकृत किसी संस्था द्वारा जारी प्रमाण पत्र / डिप्लोमा / डिग्री आदि सहित पाठ्यक्रमों में किन्तु नर्सिंग, फार्मा, पर्यटन और खानपान, शिक्षक प्रशिक्षण  आदि तक सीमित न हो।

3.    आच्छादित पाठ्यक्रम

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, सभी स्नातक एवं उच्चतर स्तरों के व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रम जो ए.आई.सी.टी.., मेडिकल काउन्सिल ऑफ इण्डिया, यू.जी.सी. इत्यादि से अनुमोदित हों।

4.    आच्छादित व्यय

   प्रवेश शुल्क एवं ट्यूशन फीस, पुस्तकें, स्टेशनरी एवं अन्य उपकरण जो पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक हों, परीक्षा शुल्क, रहने एवं खाने का व्यय, ऋण अवधि के दौरान पॉलिसी का बीमा शुल्क।  

5.    ऋण की मात्रा

) व्यावसायिक/तकनीकी पाठ्यक्रम हेतु

  • पाठ्यक्रम हेतु प्रति विद्यार्थी अधिकतम ऋण राशि रू. 15.00 लाख का 90% व्यय (भारत में अध्ययन के लिए), शेष राशि विद्यार्थी/एस.सी.. द्वारा वहन की जाएगी।
  • पाठ्यक्रम हेतु प्रति विद्यार्थी अधिकतम ऋण राशि रू. 20.00 लाख का 85% व्यय (विदेश में अध्ययन के लिए), शेष राशि विद्यार्थी/एस.सी.. द्वारा वहन की जाएगी।

) वोकेशनल पाठ्यक्रम हेतु   

चैनल पार्टनर द्वारा सुनिश्चित पाठ्यक्रम जो कि विद्यमान सरकारी शर्तों, बाज़ार की स्थिति, पाठ्यक्रम का विशेष स्तर इत्यादि के आधार पर उपरोक्त 5 (क) में निर्धारित सीमा के अधीन हो, उनके स्वीकार्य खर्चों का 90% राशि दी जा सकती है I

6.    ब्याज की दर

  • छात्रों के लिए                               -      4% वार्षिक
  • छात्राओं के लिए                              -      3.5% वार्षिक

7.    चैनल सहभागी से वसूली की अधिस्थगन अवधि

जिस पाठ्यक्रम के लिए ऋण प्रदान किए हैं, के प्रकार और अवधि के बावजूद चैनल सहभागियों से वसूली के लिए अधिस्थगन अवधि समान रूप से 5 वर्ष तय की रखी गई है।

8.    पुनर्भुगतान अवधि:

पुनर्भुगतान की अधिकतम अवधि 15 वर्ष है। 5 साल की अधिस्थगन अवधि के अंतराल के बाद अधिकतम वसूली अवधि 10 साल हो सकती है अर्थात चैनल सहभागी द्वारा एन.बी.सी.एफ.डी.सी. को ऋण 15 साल के भीतर चुकाना होगा।

9          ऋण का पूर्व-भुगतान

उधारकर्ता ऋण की चुकौती शुरू होने के बाद किसी भी समय ऋण चुका सकता है। ऋण के समय से पूर्व पुनर्भुगतान के मामले में लाभार्थी से किसी प्रभार लेने हेतु बल नहीं दिया जाएगा।

 

अधिक जानकारी के लिए टोल प्री नं० 18001023399, वेबसाइट www.nbcfdc.gov.in पर संपर्क करें

To Top